अवलोकन
दिनांक 7 जनवरी 1948, Kentucky Air National Guard के पायलट कैप्टन Thomas F. Mantell Jr. को केंटकी के ऊपर देखी गई एक अज्ञात वस्तु की जाँच करने का निर्देश दिया गया। F-51 Mustang उड़ाते हुए Mantell और अन्य पायलटों ने ऊँचाई पर एक बड़ी, चमकीली वस्तु देखने की रिपोर्ट की।
ऑक्सीजन उपकरण न होने के कारण अन्य विमानों के हट जाने के बाद भी Mantell पीछा करते हुए चढ़ते रहे। उनके अंतिम रेडियो संदेशों में वस्तु को "धात्विक" और "विशाल आकार" की बताया गया। थोड़ी देर बाद संपर्क टूट गया। उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ और उनकी मृत्यु हो गई।
रिपोर्ट की गई विशेषताएं
समकालीन रिपोर्टों में वर्णन था:
- एक बड़ी, चमकीली वस्तु जो विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र में दिखाई दे रही थी।
- विमान से देखने पर धात्विक रूप।
- पर्यवेक्षकों के सापेक्ष स्पष्ट रूप से स्थिर या धीरे चलती हुई।
- पूरक ऑक्सीजन के बिना Mantell के विमान की व्यावहारिक परिचालन सीमा से अधिक ऊँचाई।
जांच
Mantell Incident Project Sign की पहली बड़ी जाँच बनी।
वायु सेना ने प्रारंभ में सुझाव दिया कि Mantell संभवतः शुक्र ग्रह का पीछा कर रहे थे, लेकिन बाद में यह स्पष्टीकरण वापस ले लिया गया क्योंकि खगोलीय परिस्थितियाँ इसका समर्थन नहीं करती थीं। बाद की जाँचों ने निष्कर्ष निकाला कि वस्तु संभवतः एक वर्गीकृत Project Skyhook ऊँचाई वाला अनुसंधान गुब्बारा था।
जाँचकर्ताओं ने यह भी निर्धारित किया कि ऑक्सीजन के बिना 25,000 फीट से ऊपर चढ़ने के बाद Mantell संभवतः हाइपोक्सिया के कारण बेहोश हो गए, जिससे उनका विमान अनियंत्रित अवरोह में चला गया।
यद्यपि Skyhook स्पष्टीकरण आधिकारिक निष्कर्ष बन चुका है, कुछ शोधकर्ता अब भी प्रश्न उठाते हैं कि क्या यह उस दिन दर्ज सभी गवाह अवलोकनों का पूरा हिसाब देता है।
ऐतिहासिक महत्व
Mantell Incident UAP जाँच से जुड़ी पहली व्यापक रूप से प्रचारित मृत्यु थी और उसने दिखाया कि शुरुआती शीत युद्ध में अमेरिकी वायु सेना अस्पष्ट हवाई रिपोर्टों को कितनी गंभीरता से लेती थी। यह Project Sign द्वारा जाँचे गए निर्णायक मामलों में से एक बनी और आधिकारिक UAP जाँचों के इतिहास में महत्वपूर्ण घटना है।